रायगढ़ जिले में पहाड़ी कोरवाओं को अपना अस्तित्व साबित करने में अनेकों साल संघर्ष करना पड़ा ।
गलत सर्वे के कारण ये पहाड़ी कोरबा जनजाति को सूची में स्थान नहींमिला था जिस कारण इनको शासन की सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा ।
मगर कहते हैं कोशिश करने वालों की कभी हर नहीं होती ऐसा कर दिखाया है समाज के एक नवयुवक प्रेम साय ने जो अपनी समाज को पहचान दिलाने के लिए एवं सूची में स्थान दिलाने के लिए लगातार वर्षों से संघर्ष करता रहा।
तब जाकर 2 जून 20 26 को इन समुदाय को रायगढ़ जिले की सूची में शामिल करने का शासन के आदेश का प्रति प्राप्त हुआ ।
जिंससे प्रेम साय को अपने किए गए संघर्ष में सफलता मिली अपने सफलता की खुशी बयान करते हुए अपनी समाज की उज्जवल भविष्यको लेकर उत्साहित एवं आस्वस्त नजर आए एवं छत्तीसगढ़ सरकार को इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
