धरमजयगढ़/छाल। क्षेत्र में मांड नदी से रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। छाल क्षेत्र के रिलो स्थित मांड नदी से रेत के परिवहन की तस्वीर सामने आने के बाद खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर नदी से रेत निकालकर परिवहन किए जाने की शिकायतों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं। यदि नदी से रेत का परिवहन बिना वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के किया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है।
मांड नदी क्षेत्र में लगातार रेत निकासी से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ऐसे में खनिज विभाग को मौके पर जांच कर परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेजों, रॉयल्टी और अनुमति की जांच करनी चाहिए।
अब देखना होगा कि खनिज विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और रिलो मांड नदी से रेत के कथित अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
फिलहाल, मामले में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है
