ग्राम पंचायत शाहापुर में निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवाल
शाहापुर। ग्राम पंचायत शाहापुर में तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर पांच लाख रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है। लेकिन मौके पर तालाब के किनारे बनी सीढ़ीनुमा संरचना और सीमित निर्माण कार्य को देखकर योजना के वास्तविक स्वरूप एवं गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उपलब्ध तस्वीर में तालाब के किनारे कुछ सीढ़ियां बनी हुई दिखाई दे रही हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पांच लाख रुपये की लागत से किए गए सौंदर्यीकरण कार्य का उद्देश्य केवल सीढ़ियों का निर्माण करना था, या इसके तहत अन्य सुविधाएं भी विकसित की जानी थीं?
अब जांच और पारदर्शिता की मांग उठ रही है। ग्रामीणों और आम नागरिकों के मन में यह सवाल है कि स्वीकृत राशि का कितना हिस्सा निर्माण कार्य में खर्च हुआ और कार्य की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
प्रशासन से उठ रहे सवाल
तालाब सौंदर्यीकरण के लिए पांच लाख रुपये की स्वीकृति किन कार्यों के लिए दी गई थी?
निर्माण कार्य में कौन-कौन से कार्य शामिल थे?
क्या कार्य का तकनीकी मूल्यांकन एवं गुणवत्ता परीक्षण कराया गया है?
क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया है?
अब संबंधित विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मामले की जांच कर स्वीकृत राशि, निर्माण कार्य और गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल: पांच लाख रुपये के तालाब सौंदर्यीकरण में आखिर कितना हुआ विकास और कितना हुआ खर्च?
