छाल क्षेत्र में पंचायत सचिव पर आपराधिक प्रकरण दर्ज, पंचायत व्यवस्था में मचा हड़कंप
धरमजयगढ़।
छाल विकासखंड अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता के गंभीर मामले में पंचायत सचिव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने से पूरे जनपद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। इस कार्रवाई के बाद अन्य पंचायतों के सचिवों में भी भय और असमंजस का माहौल देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत खर्रा की उपसरपंच श्रीमती सुकवारा द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू द्वारा अपने कार्यालयीन अमले के साथ व्यय संबंधी अभिलेखों की गहन जांच की गई। यह जांच भारत सरकार के अधिकृत पंचायत लेखा एवं प्रबंधन पोर्टल पर उपलब्ध विवरणों के माध्यम से की गई, जिसमें शिकायत को प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया।
जांच में यह सामने आया कि ग्राम पंचायत खर्रा के सचिव ओम प्रकाश श्रीवास एवं सरपंच परमेश्वरी राठिया द्वारा बोर खनन तथा नाली निर्माण कार्य के नाम पर भुगतान आदेश जारी कर फर्जी एवं कोरे बिलों के माध्यम से शासकीय राशि का आहरण किया गया। आरोप है कि बोर खनन कार्य हेतु 90 हजार रुपये तथा नाली निर्माण कार्य हेतु 35 हजार रुपये दर्शाते हुए कुल 7 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जो वास्तविक कार्य से मेल नहीं खाता।
प्राथमिक जांच में शासकीय धनराशि के गबन एवं दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित सचिव एवं सरपंच के विरुद्ध आपराधिक कृत्य की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद यह संकेत भी मिल रहे हैं कि भविष्य में इसी प्रकार के अन्य मामलों में भी संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। पंचायत स्तर पर हो रही वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रशासन की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। वहीं वर्तमान की तरह शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है तो ऐसे मामले मी बढ़ोत्तरी होगी।
