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धरमजयगढ़। जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत जमाबीरा में
डीएमएफ मद से निर्मित हो रहे रिटेनिंग वॉल कार्य को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। निर्माण स्थल पर कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों द्वारा शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं, वहीं सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से लगाया जाने वाला सूचना एवं डिस्प्ले बोर्ड भी दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
सामान्यतः किसी भी शासकीय निर्माण कार्य स्थल पर परियोजना की लागत, स्वीकृत राशि, कार्य एजेंसी, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण अवधि तथा संबंधित अधिकारियों की जानकारी प्रदर्शित करने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाता है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को कार्य की जानकारी उपलब्ध कराना तथा निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होता है। लेकिन जमाबीरा में चल रहे इस निर्माण कार्य स्थल पर बोर्ड का अभाव ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रिटेनिंग वॉल के बेस में बड़े-बड़े बोल्डर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार रिटेनिंग वॉल की मजबूती के लिए नींव में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री, उचित कंक्रीट मिश्रण, मानक अनुसार गिट्टी तथा तकनीकी डिजाइन का पालन आवश्यक होता है। यदि निर्माण में स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मानकों की अनदेखी की जाती है तो भविष्य में संरचना की स्थायित्व क्षमता प्रभावित हो सकती है।
निर्माण कार्यों में आमतौर पर पाई जाने वाली खामियों में अपर्याप्त नींव, निम्न गुणवत्ता की सामग्री, सीमेंट-रेत अनुपात में गड़बड़ी, तकनीकी पर्यवेक्षण का अभाव तथा पानी निकासी व्यवस्था की कमी प्रमुख मानी जाती हैं। ऐसे में संबंधित कार्य की तकनीकी जांच आवश्यक मानी जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य सार्वजनिक धन से किया जा रहा है तो कार्य एजेंसी कौन है, कितनी राशि स्वीकृत हुई है, किस तकनीकी स्वीकृति के आधार पर कार्य हो रहा है और गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है, इसकी जानकारी आम नागरिकों को कैसे मिलेगी, जबकि स्थल पर कोई डिस्प्ले बोर्ड ही नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं जनपद पंचायत से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाए जाने के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

