वेंडर की आड़ में धरमजयगढ़ के अधिकतर ग्राम पंचायतों में हो रहा है खेला

 



धरमजयगढ़ के अधिकतर ग्राम पंचायतों में धांधली ।

और भ्रष्टाचार को लेकर जितना भी आलोचना किया जाए कम होगा इसका कारण सिर्फ सही जांच की कमी है या ऐसा कहा जा सकता है कि प्रशासनिक मौन स्वीकृति के कारण ऐसा संभव हो रहा है

 वरना कायदे कानून के रहते हुए ऐसा कृत्य कर पाना संभव नहीं है आज की तारीख में अगर ग्राम पंचायतों में हो रहे क्रियाकलापों की विधीवत जांच किया जाएं तो अधिकतर ग्राम पंचायतों में सरेआम प्रशासनिक अधिकारियों के आंखों के सामने भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है ।

और प्रशासनिक अधिकारी अपना आंख बंद किए बैठे हुए हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के इस तरह से अनजान रहना भ्रष्टाचार को मौन स्वीकृति माना जाए तो कुछ गलत नहीं होगा
उदाहरण स्वरुप
 वेंडर वाली फंडा को देखकर भ्रष्टाचार का मिलीजुली खेला को आसानी से समझा जा सकता है

 ग्राम पंचायतों के अधिकतर सचिव या सरपंच अपने रिश्तेदारों के नाम वेंडर रजिस्ट्रेशन करवा रक्खा है।

 किसी ने पत्नी किसी ने पिता किसी ने अपने मा के नाम से वेंडर रजिस्ट्रेशन करवा रक्खा है जो सिर्फ फर्जी बिल जारी करने में सहायक होता है इन वेंडरों के पास ना कोई दुकान है

 और ना कोई गोदाम और ना ही कोई सामान

 पंचायतों में अधिकांश पुराने कामों को दोबारा निर्माण दिखा कर अपने रिश्तेदारों के नाम से रजिस्टर्ड वेंडर बिल का उपयोग करके भुगतान किया जा रहा है अगर सही जांच होती है तो ऐसे मामले 99 प्रतिशत तक हो तो आश्चर्य नहीं होगा 

सही मायने में यह एक सत प्रतिशत सच्चाई है कि अधिकांश वेंडरों के पास ना कोई दुकान है ना ही कोई सामान और ये सभी 
पंचायत अधिकारियों के सगा संबधि साबित हो रहें हैं।

 निश्पक्ष जांच होने पर प्रशासन स्वयं सवालों के कटघरे में खड़े होंगे अब ऐसे में स्वयं का अहित कौन करेगा ऐसे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए जरुरत है प्रशासन को खुद के कार्य प्रणाली पर सुधार लाने की नहीं तो पंचायतों में हो रहे।

 ऐसी क्रियाकलापों के लिए केवल पंचायत कर्मी ही जिम्मेदार नहीं है कहीं ना कहीं इसमें व्यवस्था में बैठे उच्च अधिकारियों का भी अहम भूमिका प्रतीत होती है।

Paritosh Mandal

Paritosh Mandal एक अनुभवी ग्रामीण रिपोर्टर हैं, जो गांवों, पंचायतों और स्थानीय विकास से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता रखते हैं। वे सटीक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित पत्रकारिता में विश्वास करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का फोकस ग्रामीण जनजीवन, शिक्षा, कृषि और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post