धरमजयगढ़ के
पुरूंगा में प्रस्तावित अंडरग्राउंड कोल माइंस को लेकर भ्रम की स्थिति निर्मित हो रही है इस 62 1,331 हेक्टेयर की खनन परियोजना में खुली खदान की अनुमति के संबंध में एक अनुशंसा की गई है जो की स्वीकृति के लिए आगे भेज दिया गया है। जब यह खनन परियोजना को पहले से ही दस्तावेजी की तौर पर अंडर ग्राउंड खनन बताया जा रहा है तो फिर अचानक खुली खदान की अनुशंसा वाली दस्तावेज सामने क्यों आ रही हैॽ
क्या यह दस्तावेजी त्रुटि है या कोई कुट रचना यह स्पष्ट होना चाहिए एक ही परियोजना के संबंध में दो अलग-अलग दस्तावेज के सामने आने से इस परियोजना की पारदर्शिता में संदेह की स्थिति बन रही है अगर इस तरह से भ्रम में डालकर यह परियोजना को आरंभ करना चाहेगा तो निश्चित ही प्रभावितों में तीव्र विरोध की स्थिति बनेगी ।
एवं प्रभावितों के साथ छल बल की स्थिति सामने आएगी वास्तविकता क्या है यह सामने एक न एक दिन आना ही है बेहतर है समय रहते ही सार्वजनिक हो आखिर एक ही परियोजना में अलग-अलग दस्तावेज सामने क्यों आ रही है ॽ
यह एक गंभीर सवाल हैॽ फिलहाल पुरुगां में प्रस्तावित अंडरग्राउंड कोल माइंस में खुली खदान से संबंधित एक अनुशंसा वाली दस्तावेज सामने आ रही है जिसे स्वीकृति हेतु आगे भेज दिया गया है। इस पर मोहर लगती है या नहीं यह देखने वाली बात होगी।
