वेंडर बनकर भुगतान का खेल? ग्राम पंचायत पारेमेर में 49 हजार आहरण का मामला गरमाया*

 


धरमजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र ।

अंतर्गत में आए दिन ऐसे मामले सुर्खियों में आते रहते हैं वहीं एक और मामला सामने आया है, जिसने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

मामला पारेमर ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है, जहाँ सरपंच के वेंडर के रूप में पंजीकृत होने के साथ-साथ 49 हजार रुपये का आहरण किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार पारेमेर सरपंच न केवल पंचायत कार्यों के लिए वेंडर के रूप में दर्ज हैं, बल्कि पंचायत मद से बाकायदा बिल लगाकर 49,000 रुपये का भुगतान भी प्राप्त किया है। इस घटनाक्रम ने पंचायत राज अधिनियम की सारी नियमावली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।

जानकारों का मानना है कि यदि कोई निर्वाचित सरपंच स्वयं वेंडर बनकर पंचायत से आर्थिक लाभ लेता है, तो यह स्पष्ट रूप स्वयंम की हित के लिए पदासिन होना को दर्शाता है । पंचायत निधि का उपयोग ग्राम विकास के लिए होना चाहिए, न कि पद पर बैठे व्यक्ति के व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए।

ग्रामीणों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रकरण में विधि सम्मत कार्रवाई आवश्यक मानी जा रही है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Paritosh Mandal

Paritosh Mandal एक अनुभवी ग्रामीण रिपोर्टर हैं, जो गांवों, पंचायतों और स्थानीय विकास से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता रखते हैं। वे सटीक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित पत्रकारिता में विश्वास करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का फोकस ग्रामीण जनजीवन, शिक्षा, कृषि और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।

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